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Showing posts from March, 2024

जब गिर के संभला मैं

.Mn  . 4.5 .. N.m. 3 JAB GIR KAR SMBHLA MAIN 4bnmm.. Jane anjane me ho gya wo bawla na jane kese bhool gya wo apna hi rasta samjh nhi aata ki logo ko pyar hota hai to kyu hota hai B4     ee man (soul) kuch smjha ise ee hawayen kuch dikha ise jitni mohabba krta hai usse ......... kyu nhi krta apne aapse................????? wo kyu nhi smjti in jajbato ko kyuki pyar smja betha hai wo un bato ko ghbra -ghbra kar poncha tha tu uske paas fir kya ghabra ghabra kar nibhayega tu uska sath ee mere man (soul) samjha ise ...... ee nadiyan kuch dikha ise ...... jane anjane me tu khda ho gaya ek mod par fir dubara kese nikl payega tu usi mod par..... ???? ye tanha ......., tanha nhi________ wo ek padav hai | wo pyar.........., pyar nhi ________wo ek lagav hai  |  diya  tha tune use ek gulab......... uski ek muskan pane ko  de gayi saza wo tuje tadpane ko... ee mere yaro wo muskan , muskan nhi dillgi thi wo jane, ...

जाने दिल ये क्यों कहे रहा ...............

 जाने दिल ये क्यों कहे रहा ............... ना जाने आज दिल ये क्यों कहे रहा |   कि  नहीं रह सकता तुम्हारे बिना ||  खुले धागो के झमेले में उलझे है हम|  जैसे उजाले की दुनिया में खो गए है हम||  जिसकी ख़बर तुझको भी है | जिसकी ख़बर मुझको भी है || नहीं समझ पा रहे है हम|  जाने कोनसी है ये बात || जीवन के इस घुमावदार मोड़ पर  मिले है इस तरह | की कट  जाएगी ज़िंदगी हमारी एक अज़नबी बनकर||  होने को अज़नबी  है हम एक दूसरे  के लिए | लेकिन वो (सहेली ) हमेशा कहती है, फिर क्यों बेताब हो तुम एक दूसरे के लिए||  न वो समझ पा रही है ना में समझ पा रहा|  जाने किसी है ये अजीब दास्ताँ | मित्रो की नज़रो में भाभी हो तुम | भाइयो की नज़रो में तो भाभी हो तुम|  लेकिन  मेरी नज़रो में. , मेरी नज़रो में एक बहुत अच्छी दोस्त हो और हाँ .................. और भी बहुत कुछ||

तुझको आभार

 तुझको आभार  उम्र बीत गयी, तुझको अपना बनाते - बनाते  अधूरी रह गयी ये कहानी, तुझको बयां करते - करते  बालो संग मूंछ भी सफ़ेद हो गयी तेरी, यादो में लिखते - लिखते  भुलने लगा हूँ मैं, तुझको प्यार करते - करते  फिसल जाता हूँ मैं, रास्ते पर चलते - चलते  Life को जीना सीख गया हूँ, तेरे पीछे पड़ते - पड़ते तेरे सामने सब फ़ीके पड़ने लगे है ............. माशूकाओं का दिल जीतने लगा हूँ, तुमसे बात करते - करते  जिंदगी को समझ बैठा हूँ, तुझको समझते -समझते  नैनो से भरोसा उठ गया है, तुझसे नैना लड़ाते -लड़ाते  तुझसे नैना लड़ाते -लड़ाते....... तुझसे नैना लड़ाते -लड़ाते.......  तुझसे नैना लड़ाते -लड़ाते....... 

वाह क्या वफ़ा है

आँखों से आंखों को समझना एक कला है आंखो से आंखों को मिलाना एक खता है तेरी जुल्फो में मेरे ख़्वाब महकते है इमरोज़  हर मोड़ पर फिर एक मोहब्बत लापता है आइने में फिर एक हमशक्ल मिला हमको हर शक्ल का बहरूपिया है, वाह क्या वफ़ा है

हैं हम कुछ अनोखे

जिन्दगी के कदम कुछ अनोखे है बाहर निकलो तो एक नए झरोखे है इलाज हो रहा है मेरा तबियत से कौन करता है फ़िक्र,जो करता है अनोखे है चाँद घटाओं से पूछ कर तो देखो ज़रा सितारों पर है जो वे sab अनोखे है जीने के लिए जरुरी है गम मे शराब शबाब से जो बच सके वे अनोखे है है दर्द  जिन्दगी मे थोड़ा सा मन जो हल्का करें वे अनोखे है हम तो है आशिकी के मारे कबसे  आशिक आशिकी छोड़ दे  वे अनोखे है चमन गौतम 16.10.2021

इज़हार -ए -मोहब्बत

आँखों में कजरा बालों में गजरा हाय ये काली बिंदी वाला चेहरा तुम यूँ ना जुल्फें सवारों अब अब ये दिल मचल रहा है मेरा हाय ये बातें याद रहेगी हमको कानो में झुमका होगा नाम का मेरा हाँ थोडा अलग है मेरा तुम्हारा प्यार ये नजाकत भी करेगी अब इंतज़ार तेरा हाँ मैं सब कुछ छोड़ कर ये एलान करता हूँ ये इश्क़ दोस्ती, वफ़ा ही नहीं प्यार हूँ तेरा गौतम रहबर 

वाह क्या बात है!

आँखों से आंखें समझ जाना एक कला है आंखो से आंखें मिलना भी एक खता है तेरी   जुल्फो  में  मेरे  ख़्वाब  महकते  है हर मोड़ पर फिर एक मोहब्बत लापता है आइने में फिर एक हमशक्ल मिला हमको हर शक्ल का बहरूपिया है, वाह क्या वफ़ा है