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Showing posts from August, 2017

सब कुछ है तक़दीर में................

सब कुछ है तक़दीर में............... . सब कुछ है तक़दीर में , बस तेरा साथ नहीं है  दिन रात की बेरुखी में , चैन की कोई  घड़ी नहीं है|  मेरा निकल गया समय तूझे ढूंढने में  तेरा एतबार तो किया मगर इंतज़ार नहीं  है|  मेरी खुशियों की सज़ा अब मौत ही सही  इसके सिवा अब  कोई अरमान नहीं है  खुश हो गया है वह तेरे दो मीठे बोल सुनकर  झूम उठा है वो पागलपन में , लेकिन वह पागल नहीं है 
        ये सच है की................. .. ये सच है की , मैं तुम्हारे बिना रह नहीं सकता  मगर, तुम्हरे बिन मर भी नहीं सकता |  ये सच है की , मुझे भूख नहीं लगती  मगर, तुम्हरे बिन रोटी खा भी नहीं सकता |  ये सच है की, मुझे रात नींद नहीं आती  मगर, तुम्हरे बिन सो भी नहीं  सकता |  ये सच है की, जीवन में कुछ करना चाहता हू  मगर, तुम्हरे बिन वो भी नहीं कर सकता |  ये सच है की, मैं किसी को उदास भी देख नहीं सकता  मगर, तुम्हरे बिन किसी को हसा भी नहीं सकता |  ये सच है की, में शादी करना चाहता हूँ  मगर, तुम्हरे सिवा किसी और से नहीं कर  सकता |  ये सच है की, तुम मुझे बहुत चाहते हो  मगर, चाहने वाले अक्सर मार  दिए जाते  है |  ये सच है की, मैं तुम्हे मरता हुआ नहीं देख सकता  मगर, इतना जरूर है मैं तुम्हे खामौश भी नहीं देख सकता |  ये सच है की, मैं तुमसे बेपनहा  मोहब्बत करता हूँ  मगर, मोहब्बत से मैं तुम्हे क्या दूंगा , इस बात को अक़स...